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65 सालों से यह महिला सिर्फ रेत खाकर जिंदा है

यूं तो किसी व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए पोषक आहार की जरूरत होती है लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताएंगे जो पिछले 65 सालों से सिर्फ बालू रेत खा कर जिंदा है ! इस महिला का नाम है कुस्मावती जिनकी उम्र है 78 साल और यह वाराणसी भारत की रहने वाली है ! आपको जानकर आश्चर्य होगा कुस्मावती प्रतिदिन लगभग 1 किलो से भी ज्यादा बालू रेत खा जाती है ! इतना ही नहीं अगर इन्हें बालू रेत खाने को ना मिले तो ये बीमार हो जाती हैं ! यह बात सभी को चौंका देती है कि कोई व्यक्ति सिर्फ बालू रेत खाकर कैसे जिन्दा रह सकता है !
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बालू रेत खाना और उसे पचाना किसी आम इंसान की बस की बात नहीं लेकिन फिर भी यह महिला बालू रेत खाकर जिंदा है और यही बात सभी को हैरान कर देती है ! इनकी बालू रेत खाने की कहानी शुरु हुई थी 15 वर्ष की उम्र में जब यह एक बार बीमार पड़ गई थी और इस कारण इनका पेट फूलने लगा था ! जब इन्होंने गांव के एक वैद्य को दिखाया तो वैद्य ने इनकी नाड़ी देखकर इन्हें दूध और दो चम्मच बालू खाने को कहा, तभी से इनकी बालू रेत खाने की आदत पड़ गई ! अब अगर यह बालू रेत ना खाएं तो इनके पेट में दर्द होने लगता है और इन्हें रातों को नींद नहीं आती !
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इन्हें बालू रेत चीनी की तरह मीठी लगती है इन्हें बालू रेत के अलावा खाने में कुछ और अच्छा नहीं लगता ! हालाकी बालू रेत के अलावा यह सादा भोजन ले लेती हैं जिसमें दाल चावल और सब्जी रोटी खाती हैं ! इनके बच्चे ही इन्हें बालू रेत लाकर देते हैं ! इनके बच्चों का कहना है कि अगर इनकी मां रोज बालू रेत ना खाए तो वह बीमार पड़ जाती है और अगर इन्हें खाने में बालू रेत मिल जाए तो यह एकदम स्वस्थ रहती हैं !
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इस महिला का और इनके बच्चों का मानना है कि जब बालू रेत खाकर भी यह स्वस्थ हैं तो बालू रेत खाने से परहेज क्यों किया जाए ! बालू रेत खाकर इन्हें काफी ऊर्जा मिलती है और इसी कारण ये इस उम्र में भी खेतों में काम कर लेती है ! हालांकि डॉक्टरों की माने तो यह एक दिमागी बीमारी है और इस बीमारी में लोग ऐसी आदतों को अपने जीवन का हिस्सा बना लेते हैं ! इस बीमारी में कुछ लोग मिट्टी के बर्तन और बालों को भी खाने की आदत बना लेते हैं !

 

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